Mahila Avm Bal Vikas Vibhag ki Yojanaye 2021 | Mahila Paryavekshak Vacancy 2021

एकीकृत बाल विकास सेवा योजना (आईसीडीएस)

Mahila Avm Bal Vikas Vibhag ki Yojanaye 2021 एकीकृत बाल विकास सेवा योजना (आईसीडीएस) की शुरुआत तैंतीस प्रायोगिक ब्लॉकों के बच्चों हेतु राष्ट्रीय नीति के अनुपालन में 2 अक्टूबर, • वर्ष 1975 (पांचवीं पंचवर्षीय योजना) को की गयी थी। अब इसका लक्ष्य आईसीडीए को पूरे देश में सबके लिए उपलब्ध करना कार्यक्रम के कार्यान्वयन की प्राथमिक जिम्मेदारी महिला और बालविकास मंत्रालय भारत सरकार और राज्य में नोडल विभागों के साथ है, जिसमें समाज कल्याण, ग्रामीण विकास, आदिवासी कल्याण, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण तथा महिला और बाल विकास शामिल हो सकते हैं।

एकीकृत बाल विकास सेवा योजना से लाभ
  • 0-6 साल के आयु वर्ग के बच्चे।
  • गर्भवती और धात्री महिलाएँ।
  • पन्द्रह से चंवालीस वर्ष की महिलाएँ।
  • चयनित ब्लॉकों में किशोरियाँ।
एकीकृत बाल विकास सेवा योजना के उदेश्य
  • 0-6 वर्ष के आयु वर्ग के बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य उद्देश्य स्थिति में सुधार।
  • बच्चे के उचित मनोवैज्ञानिक, शारीरिक और सामाजिक विकास के लिए नींव रखना।
  • बाल विकास को बढ़ावा देने हेतु विभिन्न विभागों के बीच नीति और कार्यान्वयन के प्रभावी समन्वय प्राप्त करना। माता में उचित पोषण और स्वास्थ्य शिक्षा के माध्यम से सामान्य स्वास्थ्य और पोषण सम्बन्धी आवश्यकताओं की देखभाल करने की क्षमता बढ़ाना।
  • मृत्युदर, विकृति, कुपोषण और स्कूल छोड़ने की घटनाओं को कम करना।
एकीकृत बाल विकास सेवा योजना के कार्य

Mahila Paryavekshak Vacancy 2021 भारत सरकार की समन्वित एकीकृत बाल विकास सेवा योजना में आँगनबाड़ी सहायिका प्रति केन्द्र कार्य करेगी। यह योजना के सफल की प्रमुख कड़ी है। पिछले जनगणना के अनुसार भारत के कुल जनसंख्या में 0-6 वर्ष के उम्र वाले बच्चों की संख्या 15.8 करोड़ है। देश के ये बच्चे ही भारत का आने वाला भविष्य है। इन सारे बच्चों में कुपोषण, कम सीखने की क्षमता है तथा मृत्यु दर को कम करने की और पुनीती के जवाब में अपने बच्चों और नर्सिंग माताओं के लिए सरकार द्वारा ICDS नामक एक योजना का आरम्भ किया गया है।

Mahila Avm Bal Vikas Vibhag ki Yojanaye 2021

ICDS योजना के अन्तर्गत लाभार्थी के रूप में 0-6 साल के आयु वर्ग के बच्चे, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को शामिल किया गया है। बच्चों के कल्याण, विकास और महि भरण-पोषण के लिए महिला एवं बाल मंत्रालय विभिन्न योजनाओं को कार्यान्वित करती है। एकीकृत बाल विकास सेवा (Integrated Child Development Services) योजना को 2 अक्टूबर, 1975 को आरम्भ किया गया था

आँगनबाड़ी क्या है ?

आँगनबाड़ी छोटे बच्चों की घोषण, स्वास्थ्य और शिक्षा संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति करने के लिए एकीकृत बाल विकास सेवाओं के कार्यक्रम के रूप में ग्राम स्तर पर सरकार द्वारा समर्थित एक केन्द्र है। आँगनबाड़ी 6 वर्ष तक की आयु के बच्चों, किशोर युवतियों, गर्भवती महिलाओं तथा शिशुओं की देखरेख करने वाली माताओं की आवश्यकताओं की पूर्ति करती है। प्रत्येक आँगनबाड़ी लगभग 400-800 लोगों की जनसंख्या पर बनाई जाती हैं ।

हिला बाल विकास विभाग की योजनाएं CG: कार्यकर्ता तथा सहायिक आँगनबाड़ी केन्द्र को चलाते हैं तथा स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रामीण विकास और अन्य विभागों के पधाधिकारियों के साथ समन्वय करते हुए आईसीडीएस का क्रियान्वयन करते हैं। प्रत्येक 25 आँगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए एक आंगनवाड़ी पर्यवेक्षक नियुक्त होती है जिसे मुख्य सेविका कहा जाता है और जो आँगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका को कार्य के सम्बन्ध में मार्गदर्शन प्रदान करती है। आँगनबाड़ी छोटे बच्चों की आवश्यकताओं तथ देखभाल के बारे में जागरूकता फैलाने का केन्द्र भी है।

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आँगनबाड़ी की सेवाएँ कार्य

  • छः वर्ष से कम आयु के बच्चों की टीकाकरण समस्त गर्भवती स्त्रियों के लिए प्रसव पूर्व देखभाल और टीकाकरण |
  • छः वर्ष से कम आयु के बच्चों को अनुपूरक पोषण • गर्भवती और शिशुओं की देखभाल करने वाली स्त्रियों को अनूपूरक पोषण।
  • 15-45 वर्ष के आयु वर्ग की सभी महिलाओं के लिए पोषण और स्वास्थ्य शिक्षा
  • गर्भवती महिलाओं की प्रसवपूर्व देखभाल तथा शिशुओं की देखरेख करने वाली माताओं की प्रसवोत्तर देखभाल।
  • नए जन्मे शिशुओं तथा 6 वर्ष से कम आयु के बच्चों की देखभाल।
  • कुपोषण अथवा बीमारी के गम्भीर मामलों को अस्पतालों, समुदाय स्वास्थ्य केन्द्रों अथवा जिला अस्पतालों (पोषण पुनर्वास केन्द्र / नवजात शिशु गहन देखरेख यूनिट) को भेजना।
  • 3-6 वर्ष की आयु के बच्चों को अनौपचारिक विद्यालय पूर्व शिक्षा प्रदान करना।

आँगनबाड़ी का उद्देश्य

  • 0-6 साल के बच्चों की पोषण और स्वास्थ्य स्थिति में सुधार करना।
  • बच्चे के शारीरिक और सामाजिक विकास के लिए जीव रखना।
  • मृत्यु दर, रोग, कुपोषण को कम करना।
  • बाल विकास को बढ़ावा देना

आँगनबाड़ी केन्द्र द्वारा उपलब्ध सुविधाएँ

  • आँगनबाड़ी केन्द्र में निम्नलिखित सुविधाएँ होनी आवश्यक है एक भवन जो 63 वर्ग मीटर/650 वर्ग फूट से कम न हो।
  • बरामदा 6 x 1.5 वर्गमीटर होना चाहिए तथा वह बाधामुक्त होना चाहिए।
  • खेल का मैदान, खेल सामग्री तथा बाल हितैषी खिलौने • साफ-सफाई, जल और स्वच्छता सुविधाएँ ।
  • साफ और स्वच्छ रसोईघर-रसोई और स्टोर 6 x 3 वर्गमीटर होने चाहिए।
  • बाल-हितैषी शौचालय-2 होने चाहिए (2×3 वर्गमीटर)
  • पहुँच के लिए ढलावदार सुविधाएँ
  • मजबूत तथा रिसावमुक्त छत वाला भवन
  • मजबूत खिड़कियाँ और दरवाजे
  • विद्युत कनेक्शन और सुविधा
  • फर्नीचर, पंखे, बिस्तर
  • जल, बाल्टी, बुश, झाडू, साबुन, अध्ययन सामग्री।

आँगनबाड़ी कार्यकर्ता के कार्य / दायित्व

आँगनबाड़ी कार्यकर्ता सामान्यतः उस गाँव की होती है तथा वह गाँव के स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों और उसकी आवश्यकताओं से पूरी तरह से अवगत होती है क्योंकि वह अपने क्षेत्र में परिवारों के साथ सम्पर्क बनाए रखती है। वह आँगनबाड़ी की प्रमुख कार्यकर्त्ता है। आँगनबाड़ी कार्यकर्ता Mahila Avm Bal Vikas Vibhag ki Yojanaye 2021 निम्नलिखित कार्यों को निष्पादित करती है –

  • प्रत्येक माह प्रत्येक बच्चों के वजन की जाँच करना तथा विकास कार्ड में दर्ज करना।
  • 6 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए मातृ एवं बाल सुरक्षा कार्डों का राख-रखाव करना तथा दौरे पर आए चिकित्सा अथवा अर्द्ध-चिकित्सा कर्मियों को कार्ड दिखाना।
  • 3-6 वर्ष के आयु वर्ग में बच्चों के लिए विद्यालय पूर्व
  • गैर-औपचारिक गतिविधियों को संचालित करना। • स्थानीय रूप से उपलब्ध भोजन तथा स्थानीय व्यंजनों के आधर पर व्यंजन-सूची की आयोजन करते हुए 0-6 वर्ष के बच्चों, गर्भवती स्त्रियों तथा शिशुओं की देखरेख करने वाली माताओं के लिए अनुपूरक पोषणयुक्त आहार की व्यवस्था करना।
  • स्वास्थ्य एवं पोषण शिक्षा प्रदान करना तथा शिशुओं को अपना दूध पिलाने/शिशुओं एवं आहार संबंधी प्रक्रियाओं पर माताओं को परामर्श देना।
  •  सार्वजनिक स्वास्थ्य केन्द्र (पीएचसी) के कर्मचारियों को टीकाकरण और स्वास्थ्य जाँच तथा साथ ही प्रसवपूर्व और प्रसवोत्तर जाँच में सहायता करना।
  • घरों में दौरों के दौरन बच्चों में दिव्यांगता की पहचान करना तथा उन मामलों को निकटतम पीएचसी अथवा जिला दिव्यांगता पुनर्वास केन्द्र में भेजना।
  • किशोरों के लिए विभिन्न स्कीमों के क्रियान्वयन में मदद करना।

महिला बाल विकास विभाग की योजनाएं CG

सी. डी. पी. ओ.-आँगनवाड़ी कार्यक्रम कई परियोजनाओं को जोड़कर बनी है। आमतौर पर एक परियोजना में एक लाख की आबादी और 100 आँगनवाड़ियों आती हैं। प्रत्येक परियोजना में एक अधिकारी होता है जिसे बाल विकासपदाधिकारी या सी. डी. पी. ओ. कहते हैं। उसका दफ्तर इस परियोजना के मुख्यालय जैसा होता है।

सुपरवाइजर – सी. डी. पी. ओ. की मदद सुपरवाइजर करते हैं। उनका काम आँगनवाड़ियों का नियमित दौरा करना है। उन्हें रजिस्टरों की जाँच, परिसरों का निरीक्षण, आँगनवाड़ी कार्यकर्त्ता को सलाह देना, उनकी समस्याओं को पता करना जैसे काम करने हेते हैं।

ए. एन. एम. – ए. एन. एम. आँगनवाड़ी कार्यक्रम और स्वास्थ्य विभाग के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी की भूमिका निभाती है। इस कार्यक्रम के तहत उसका मुख्य काम आँगनवाड़ी कार्यकर्त्ता के साथ टीकाकरण अभियान चलाना है। वह आंगनवाड़ी में बुनियादी स्वास्थ्य सेवाएँ भी उपलब्ध कराती है।

Mahila Avm Bal Vikas Vibhag ki Yojanaye 2021

आशा-राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत गाँव स्तर पर महिला स्वास्थ्य कार्यकर्त्ता (आशा-अधिकृत सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकत्र्ता) की व्यवस्था है। वे महिलाओं, किशोरियों और बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए ए. एन. एम. और आँगनवाड़ी कार्यकर्ता के साथ मिलकर काम करती हैं।

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स्थानीय समुदाय-आँगनवाड़ी के कामकाज को प्रभावी बनाने में स्थानीय समुदाय की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उदाहरण के लिए, केन्द्रों के लिए दान से सुविधाएँ जुटाने में, समय पर इनका संचालन कराना और सुनिश्चित करने में और दूध पिलाने वाली महिलाओं को इनके कार्यक्रमों • जिम्मेदारी में जाने के लिए प्रोत्साहित करने में स्थानीय समुदाय की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।

संचालनालय महिला एवं बाल विकास विभाग, छत्तीसगढ़ के अंतर्गत पर्यवेक्षकों के रिक्त पदों पर खुली सीधी भर्ती / परिसीमित सीधी भर्ती हेतु परीक्षा (MBS21)- 2021
  1.  Vibhagiya Niyam-MBS21
  2.  Vyapam Pariksha Nirdesh- MBS21
  3.  Syllabus- MBS21
  4.  Online Application Form- MBS21

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