राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना | RGGBKMNY

छत्तीसगढ़ राज्य में ग्रामीण आबादी का एक बड़ा हिस्सा कृषि नजदूरी पर निर्भर है। छत्तीसगढ़ राज्य में सिर्फ खरीफ सत्र में ही कृषि मजदूरी के लिए पर्याप्त अवसर रहता है। रबी सत्र में फसल कम क्षेत्र में होने के कारण कृषि मजदूरी के लिए अवसर भी कम हो जाता है।

कृषि मजदूरी कार्य में संलग्न ग्रामीणों में अधिकतर लघु सीमांत अथवा भूमिहीन कृषक हैं। इसमें से भूमिहीन कृषि मजदूर को अन्य की अपेक्षा रोजगार के कम अवसर ग्राम स्तर पर उपलब्ध होते हैं। राज्य शासन द्वारा ऐसे वर्ग को संबल प्रदाय करने की दृष्टि से “राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना” वित्तीय वर्ष 2021-22 से प्रारंभ किया जा रहा है।

योजना का उद्देश्य

Table of Contents

ग्रामीण क्षेत्र में भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों की पहचान करना तथा भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को वार्षिक आधार पर 6000 रु की आर्थिक अनुदान उपलब्ध कराना तथा आर्थिक अनुदान के माध्यम से भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों के शुद्ध आय में वृद्धि करना।

राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना लिए  हितग्राही परिवार की पात्रता

योजनांतर्गत पात्रता दिनांक 01 अप्रैल 2021 होगा अर्थात् दिनांक 01 अप्रैल 2021 की स्थिति में योजनांतर्गत निर्धारित पात्रता होनी चाहिए। इस योजना अंतर्गत पात्रता केवल छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों को होगी। ग्रामीण क्षेत्र में ऐसे सभी मूल निवासी भूमिहीन कृषि मजदूर परिवार इस योजना का लाभ प्राप्त करने हेतु पात्र होंगे, जिस परिवार के पास कृषि भूमि नहीं है। पट्टे पर प्राप्त शासकीय भूमि यथा वन अधिकार प्रमाण पत्र को भी कृषि भूमि माना जाएगा।

राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना लिए  हितग्राही परिवार की निन्म्नलिखित पात्रता होनी चाहिए 

  • ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों के अंतर्गत चरवाहा, बढई, लोहार, मोची, नाई, धोबी, पुरोहित जैसे-पौनी पसारी व्यवस्था से जुड़े परिवार वनोपज संग्राहक तथा शासन द्वारा समय समय पर नियत अन्य वर्ग भी पात्र होंगे, यदि उस परिवार के पास कृषि भूमि नहीं है।
  • यहाँ भूमिहीन कृषि मजदूर से आशय  ऐसा व्यक्ति जो कोई कृषि भूमि धारण नहीं करता और जिसकी जीविका का मुख्य साधन शारीरिक श्रम करना है और उसके परिवार का जिसका की वह सदस्य है, का भी कोई सदस्य किसी कृषि भूमि को धारण नहीं करता हो।
  • यहाँ परिवार से आशय किसी व्यक्ति का कुटुम्ब अर्थात् उसकी पत्नी या पति संतान तथा उन पर आश्रित माता-पिता से है।
  • यहाँ कृषि भूमि धारण नहीं करना, से आशय है उस परिवार के पास अंश मात्र भी कृषि भूमि नहीं होना है। कृषि भूमिहीन परिवारों की सूची में से परिवार के मुखिया के माता या पिता के नाम से यदि कृषि भूमि धारित है अर्थात् उस परिवार को उत्तराधिकार हक में भूमि प्राप्त करने की स्थिति होगी, तब वह परिवार भूमिहीन परिवार की सूची से पृथक् हो जाएगा।
  • आवासीय प्रयोजन हेतु धारित (अर्थात आपका घर )भूमि कृषि भूमि नहीं मानी जाएगी। 
  • ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों के मुखिया को अनुदान सहायता राशि प्राप्त करने हेतु आवेदन पत्र के साथ राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना” पोर्टल पर पंजीयन कराना अनिवार्य होगा। अपंजीकृत परिवारों को योजनांतर्गत अनुदान की पात्रता नहीं होगी।

राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के लाभ

इस योजनांतर्गत वर्ष 2021-22 से अंतिम रूप से चिन्हांकित पात्र  हितग्राही परिवार के मुखिया को राशि रुपए 6000/- एक अथवा दो किश्तों में अनुदान सहायता राशि राशि प्रति वर्ष दी जाएगी। अनुदान सहायता राशि चिन्हित सूचीबद्ध परिवार के मुखिया को सीधे बैंक खाते में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) द्वारा की जाएगी। छूटे हुए पात्र हितग्राही परिवार के मुखिया को जिला अनुश्रवण समिति की अनुशंसा पर आर्थिक अनुदान सहायता राशि दी जा सकेगी। अनुश्रवण समिति की अनुशंसा पर असत्य जानकारी के आधार पर आर्थिक अनुदान प्राप्त करने वाले हितग्राही परिवार के मुखिया के विरुद्ध विधिक कार्यवाही तथा दी गई अनुदान सहायता राशि भू-राजस्व के बकाया के रूप में वसूल की जा सकेंगी।

राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज

हितग्राही परिवार को आवश्यक दस्तावेज में आधार नंबर बैंक पासबुक की छायाप्रति के साथ आवेदन, सचिव ग्राम पंचायत के समक्ष प्रस्तुत करना  होगा। आवेदन में  मोबाईल नंबर का भी उल्लेख किया जाना जरुरी होगा। हितग्राही परिवार आवेदन की पावती ग्राम पंचायत सचिव से प्राप्त कर सकेगा।

  • आधार कार्ड की छायाप्रति
  • बैंक पासबुक की छायाप्रति
  • मोबाईल नम्बर
  • आवेदन पत्र
  • आवेदन का नमूना  
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आवेदन पत्र जमा करने के बाद सचिव द्वारा किया जाने वाला प्रोसेस

इस प्रकार प्राप्त आवेदन ग्राम पंचायत सचिव द्वारा ग्रामवार ग्राम पंचायतवार मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत में निर्धारित समय सीमा के भीतर जमा करना होगा। जहाँ पोर्टल में इसकी प्रविष्टि की जाएगी। पोर्टल में की गई प्रविष्टियों का कृषि भूमिधारिता के संबंध में पुनः परीक्षण राजस्व अधिकारी (नायब तहसीलदार/तहसीलदार) द्वारा भुईयां रिकॉर्ड को आधार मानते हुए किया जाएगा। योजना अंतर्गत लाभ प्राप्त करने हेतु हितग्राही परिवार के मुखिया को आवेदन के साथ आधार नंबर अनिवार्य रूप से देना होगा। हितग्राही परिवारों से आधार नंबर उनकी सहमति से प्राप्त किया जाएगा। यदि किसी हितग्राही परिवार के पास आधार नंबर नहीं है तब मैदानी अमलों के द्वारा ऐसे हितग्राही परिवारों को भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) में पंजीयन हेतु प्रोत्साहित किया जाएगा।

राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना लिए  अपात्रता हितग्राही परिवार

  • इस योजनांतर्गत निम्नांकित श्रेणियों के परिवार / व्यक्ति अपात्र होंगे नगरीय क्षेत्रों के रहवासी परिवार / व्यक्ति
  • वे व्यक्ति जो किसी संवैधानिक पद को धारण करते हैं अथवा करते थे तथा वे व्यक्ति जो केन्द्र शासन, राज्य शासन के किसी भी मंत्रालय, विभाग या कार्यालय और उसकी क्षेत्रीय इकाई में कर्मचारी और / या अधिकारी के रूप में सेवा करना जारी रखते हैं या करते हैं अथवा सेवानिवृत्त हुए हैं। सेवा के अंतर्गत संविदा पर काम करने वाले अधिकारी / कर्मचारी भी सम्मिलित माने जाएंगे। ऑउटसोर्सिंग के आधार पर अथवा दैनिक वेतन पर कार्य करने वाले कर्मचारी भी अपात्रता की श्रेणी में आयेंगे।
  • वे व्यक्ति जिन्होंने सरकार के अधीन किसी केन्द्रीय या राज्य सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (PSU) और स्वायत्त निकायों में एक अधिकारी या कर्मचारी के रूप में कार्य किया हो।
  • स्थानीय निकायों के नियमित कर्मचारी केन्द्र और राज्य दोनों सरकारों के वर्तमान और पूर्व मंत्री
  • लोकसभा और राज्यसभा के वर्तमान और पूर्व सदस्य
  • राज्य विधान सभा और राज्य विधान परिषदों के वर्तमान और पूर्व सदस्य, जिला पंचायत का कोई भी वर्तमान या पूर्व अध्यक्ष जनपद पंचायत का कोई भी वर्तमान या पूर्व अध्यक्ष ग्राम पंचायत का कोई भी वर्तमान या पूर्व सरपंच
  • किसी भी नगरीय ईकाई के वर्तमान या पूर्व अध्यक्ष (मेयर अध्यक्ष आदि)
  • कोई भी व्यक्ति जिसने पिछले आंकलन वर्ष (AY) या उसके परिवार में आयकर दाखिल किया है।
  • डॉक्टर, इंजीनियर, चार्टर्ड अकाउंटेंट, वकील, ऑर्किटेक्ट तथा शासन द्वारा समय-समय पर नियत अन्य कोई पेशेवर वर्ग।

राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के लिए हितग्राही परिवारों का पंजीयन

योजना अंतर्गत लाभ प्राप्त करने हेतु इच्छुक ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों के मुखिया को निर्धारित समयावधि में राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना” के पोर्टल rggbkmny.cg.nic.in में पंजीयन कराना अनिवार्य होगा। योजना अंतर्गत हितग्राही परिवारों के पंजीयन का कार्य दिनांक 01/09/2021 से दिनांक 30/11/2021 तक किया जाएगा। प्रत्येक ग्राम पंचायत में भुईयां रिकॉर्ड के आधार पर ग्रामवार बी-1 तथा खसरा की प्रतिलिपि चस्पा की जाएगी, जिससे भू-धारी परिवारों की पहचान स्पष्ट हो सके तथा भूमिहीन परिवारों को आवेदन भरने में सुविधा प्राप्त हो सके।

राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के पोर्टल में प्रदर्शित प्रक्रिया के अनुसार मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत द्वारा पंजीयन की कार्यवाही की जाएगी।

राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना का फॉर्म कैसे भरें।

बैंक विवरण में त्रुटि होने पर क्या करें 

हितग्राही परिवारों के बैंक विवरण में त्रुटि होने पर विभाग के मैदानी अमले के द्वारा संबंधित हितग्राही परिवार से 15 दिवस के भीतर सही बैंक विवरण प्राप्त करते हुए अनुदान राशि अंतरण की कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।

योजना का कार्यक्षेत्र  कियान्वयन एजेन्सी

योजना प्रदेश के समस्त जिलों में वित्तीय वर्ष 2021-22 से लागू होगी तथा राज्य स्तर पर आयुक्त/ संचालक भू-अभिलेख तथा जिला स्तर पर जिला कलेक्टर की देखरेख में योजना का कियान्वयन किया जाएगा।

पंजीकृत परिवार के मुखिया की मृत्यु हो जाने पर पुनः लाभ कैसे ले

पंजीकृत हितग्राही परिवार के मुखिया की मृत्यु हो जाने पर उक्त परिवार के द्वारा पात्रता अनुसार नवीन आवेदन योजनांतर्गत प्रस्तुत किया जाना होगा।

असत्य जानकारी प्रस्तुत करने पर

यदि पंजीकृत हितग्राही परिवार के मुखिया के द्वारा असत्य जानकारी के आधार पर अनुदान सहायता राशि प्राप्त की गई हो, तब विधिक कार्यवाही करते हुए उक्त राशि उससे भू-राजस्व के बकाया के रूप में वसूल की जाएगी।

राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के लिए  हितग्राही परिवारों का सत्यापन

पोर्टल में पंजीकृत हितग्राही परिवारों की ग्राम पंचायतवार, ग्रामवार सूची मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत द्वारा तैयार की जाएगी तथा राजस्व अधिकारी (नायब तहसीलदार / तहसीलदार) द्वारा भूमिधारिता के संबंध में भुईयां रिकॉर्ड से परीक्षण किया जाएगा।इस तथ्य का विशेष परीक्षण किया जाएगा कि कृषि भूमिहीन परिवारों की सूची में से परिवार के मुखिया के माता या पिता के नाम से पृथक कृषि भूमि धारित तो नहीं है? क्योंकि ऐसी स्थिति में उस परिवार को उत्तराधिकार में कृषि भूमि प्राप्त होगी।

राजस्व अधिकारियों से सत्यापन पश्चात् उत्तराधिकार में कृषि भूमि प्राप्त करने वाले संभावित परिवारों को सूची से पृथक् किया जाएगा। इस प्रकार तैयार की गई अद्यतन सूची जिसमें परिवार के मुखिया का आधार कार्ड, मोबाईल नंबर एवं बैंक खाता कमांक भी अंकित होगा। सूची में अ.जा. अ.ज.जा., अ.पि.व. एवं अन्य वर्ग का भी उल्लेख किया जाएगा।

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संबंधित ग्राम पंचायत द्वारा उक्त सूची ग्राम सभा के समक्ष दावा आपत्ति के लिए प्रस्तुत किया जाएगा तथा दावा आपत्ति के निराकरण के पश्चात् पात्र परिवारों को जोड़ा जाएगा तथा अपात्र परिवारों को पृथक् किया जाएगा। इस प्रकार यथा संशोधित सूची “राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के लिए अंतिम रूप से तैयार तथा पोर्टल पर अद्यतन की जाएगी। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि अंतिम रूप से चिन्हांकित सूची में कृषि भूमि धारित करने वाले परिवार नहीं हों।

ऐसी तैयार सूची में चरवाहा, बढई, लोहार, मोची, नाई, धोबी, पुरोहित जैसे पौनी पसारी व्यवस्था से जुड़े परिवार वनोपज संग्राहक तथा शासन द्वारा समय-समय पर नियत अन्य वर्ग के परिवारों को जोड़ा जाएगा जिनके पास कृषि भूमि नहीं है। ऐसी अंतिम सत्यापित सूची योजना अंतर्गत जिला स्तर पर तैयार करने की जिम्मेदारी कलेक्टर की होगी। अंतिम सत्यापित सूची पंजीयन प्रारंभ होने के 4 माह के भीतर तैयार की जाएगी। अंतिम सत्यापित सूची में किसी प्रकार का परिवर्धन / संशोधन / निरसन जिला अनुश्रवण समिति की अनुशंसा पर ही किया जा सकेगा।